शहद के फायदे। Shahad ke fayde in Hindi,Honey in Hindi.
शहद के अनेक नाम( Many names of honey)
सोम, प्राण, देवभोजन, आयु, पुष्प-रस, पुष्प रसोद्भव, पुष्पासव, माक्षीक, सारध, क्षौद्र, मधु, माध्वीक, तथा पित्र्य, आदि शहद के अनेक नाम हैं। अंग्रेजी में इसे 'हनी' और लैटिन में 'मेल' कहते हैं।
शहद कैसे बनता है ?How is honey made?
इस वैज्ञानिक युग में भी शहद का बनाना मनुष्य के बस की बात नहीं है। इसे तो केवल मधु-मक्खियाँ और एक खास जाति के भौंरे ही बना सकते हैं। चीनी, गुड़, मनुष्य अपने बुद्धिबल से मशीन द्वारा तय्यार कर सकता है। पर शहद मशीन द्वारा उत्पन्न नहीं किया जा सकता । शहद तो वस्तुत: प्रकृति का एक वरदान है जो मधु-मक्खियों द्वारा ही हमें प्राप्त होता है।
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Shahad khane ke fayde
सर्दी-जुकाम
शहद का नित्यप्रति सेवन करनेवाला सर्दी-जुकाम से बचा रहता है । एक प्याला गुनगुने पानी में एक नींबू निचोड़कर और रुचि के अनुसार उसमें शहद मिलाकर रात को सोने से पहले पी जायँ, तो दो-तीन दिनों में सर्दी जुकाम ठीक हो जायगा। दिन में तीन-चार बार तुलसी की पत्तियों की चाय में शहद मिलाकर पीने, दो छटाँक गुनगुने पानी में आधा तोला शहद मिलाकर नाक के रास्ते सुड़ककर मुखसे निकालने, तथा पाँच तोले शहद में १३ माशा फिटकरी, ८ छटाँक पानी, और १३ माशा नमक मिलाकर गरारा करने से बिगड़े से बिगड़ा जुकाम भी ठीक हो जाता है।
मोटापा और कफ विकार
मोटापा और कफ-विकार को दूर करने के लिये शहद से बढ़कर दुनिया में अन्य कोई वस्तु नहीं है। मोटापा वास्तव में सारे शरीर का कब्ज है। अत: शहद जो कब्ज को दूर करने में अद्वितीय है, मोटापा की भी रामबाण औषधि है। मोटापा दूर करने के लिये प्रतिदिन प्रात:- काल खाली पेट ठंढे पानी और शहद का एक गिलास घोल कुछ दिनों तक पीना चाहिए।
भूख न लगना
आधा कागजी नींबू का रस और शहद गुनगुने पानी में मिलाकर पीने से भोजन जल्द हजम होता है, भूख खुलकर लगती है, तन्दुरुस्ती ठीक रहती है, खून साफ होता है, तथा नया रक्त बनता है।
वीर्य-दोष, नामरदी, प्रमेह
दूध में शहद मिलाकर कुछ दिनों तक सेवन करने से नामर्दी, प्रमेहादि सभी वीर्य दोष दूर हो जाते हैं। कारण, दूध में फलों की शर्करा जो पौष्टिक होती है, बहुत कम होती है जिसकी कमी शहद के योग से पूरी हो जाती है, जिससे शहद-दूध का मिश्रण शरीर के लिये अमृत का काम करता है । प्रमेह में तो केवल शहद-रोटी के भोजन से ही लाभ होते देखा गया है । बरसात के पानी के साथ शहद का सेवन मैथुन-शक्ति की कमी को दूर करता है।
बालों का झड़ना
एक भाग शहद को दो भाग नींबू के रस के साथ मिलाकर, बालों की जड़ों में रोज मलने और थोड़ी देर बाद धो डालने से कुछ ही दिनों में बालों का झड़ना बंद हो जाता है ।
नेत्र-रोग
नेत्र-रोगों के लिये शहद, विशेषकर कमल का शहद, एक ही दवा है। इसके लिये रात को सोते समय शहद पानी से आँखों को धोकर शहद का अंजन लगाना चाहिए, या शहद की एक बूँद रोगी की आँख में टपकाना चाहिए ।
पेट में कीड़े
पेट और आँतों में अधिक गंदगी जमा हो जाने के कारण वहाँ छोटे-बड़े अनेक प्रकार के कीड़ों की उत्पत्ति हो जाती है, जिससे आदमी का पोषण रुक जाता है और शरीर पीला पड़कर छीजने लगता है । ऐसी दशा में शहद को दही के साथ सेवन करने से कुछ ही दिनों में पेट के कीड़े मर कर बाहर निकल आते हैं और नये कीड़ों की उत्पत्ति बंद हो जाती है ।
अनिद्रा-रोग
नींद न आने की बीमारी बड़ी बुरी होती है। रात को सोते समय एक चम्मच शहद ठंढ़े पानी से मिलाकर नित्यप्रति पीने से थोड़े ही दिनों में अच्छी नींद आने लगती है ।
निमोनिया
निमोनिया में फेफड़ों में कफ जकड़ जाता है जिससे रोगी की दशा बहुत बिगड़ जाती है और कभी-कभी तो जान पर ही आ बनती है। ऐसी दशा में शहद का प्रयोग गुनगुने पानी के साथ बहुत लाभ करता है। स्मरण रहे, कफ छाँटने के लिये शहद से बढ़कर गुण- कारी वस्तु और कोई नहीं है ।
पीलिया
पीलिया-रोग में रोगी का शरीर, आँखें, मल, मूत्र, पसीना, आदि सभी पीले रंग का हो जाता है, कम- जोरी बढ़ जाती है और रोगी को कभी-कभी ज्वर भी आ जाया करता है। इस रोग में रोगी को दिन में तीन बार शहद का एक गिलास शरबत आधे कागजी नींबू का रस मिलाकर देना चाहिए । थोड़़े दिनों में सब शिकायतें दूर हो जायँगी ।
अपच और कब्ज
सभी डाक्टर और वैद्य इस तथ्य से एकमत हैं कि दुनिया में जितने भी रोग हैं लगभग सभी की उत्पत्ति अपच और कब्ज से होती है। इसलिये कब्ज या कोष्ठबद्धता को रोगों की नानी कहा जाता है । शहृद अपच को दूर करता है और कब्ज को तोड़ता है। क्योंकि यह हल्का और रेचक होता है, जिससे पेट आसानी से साफ हो जाया करता है। शहद में पाया जानेवाला वसा-अम्ल आँतों में गति उत्पन्न करता है।
जिससे शहद सेवन करनेवाले को कोष्ठबद्धता-रोग कभी नहीं सताता। साथ ही शहद जठराग्नि को प्रदीप्त करने- वाला होने के कारण शहद अपच होने को रोकता है ।
रात को सोते समय एक चम्मच शहद ठंढ जल में पीने से सबेरे अच्छा शौच हो जाता है। एक छटाँक शहद और एक कागजी नींबू का रस ठंढे पानी में मिलाकर रोज प्रातःकाल पीने से कुछ ही दिनों में भयानक से भयानक कब्ज भी दूर हो जाता है।




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